1. भारत के प्रथम कार्यवाहक प्रधानमंत्री कौन थे? – गुलजारी लाल नंदा
2. किसके निधन के पश्चात् गुलजारी लाल नंदा को पहली बार प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था? – जवाहरलाल नेहरू के
3. वर्तमान में राज्यसभा के कितने सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते हैं? – 12
4. अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन कौन-सा सदन करता है? – राज्यसभा
5. अविश्वास प्रस्ताव पर परिचर्चा के लिए कौन तिथि तय करता है? – लोकसभाध्यक्ष
6. उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को घटाने-बढ़ाने का अधिकार किसे प्राप्त है? – संसद को
7. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) का गठन किस वर्ष किया गया? – 1964 ई. को
8. भारतीय संविधान किस न्यायालय में तदर्थ न्यायाधीश की नियुक्ति की व्यवस्था करता है? – सर्वोच्च न्यायालय में
9. संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्य का कार्यकाल क्या है? – 6 वर्ष तक या 62 वर्ष (जो भी पहले हो)
10. राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है? – 6 वर्ष ।.
माँ सीता के द्वारा माँ पार्वती स्तुति अयोध्याकाण्ड जय जय गिरिबरराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी।। जय गजबदन षडानन माता। जगत जननि दामिनि दुति गाता।। नहिं तव आदि मध्य अवसाना। अमित प्रभाउ बेदु नहिं जाना।। भव भव विभव पराभव कारिनि। बिस्व बिमोहनि स्वबस बिहारिनि।। [दोहा] पतिदेवता सुतीय महुँ, मातु प्रथम तव रेख। महिमा अमित न सकहिं कहि, सहस सारदा सेष।।235।। सेवत तोहि सुलभ फल चारी। बरदायिनी पुरारि पिआरी।। देबि पूजि पद कमल तुम्हारे। सुर नर मुनि सब होहिं सुखारे।। मोर मनोरथु जानहु नीकें। बसहु सदा उर पुर सबहिं कें।। कीन्हेउँ प्रगट न कारन तेहीं। अस कहि चरन गहे बैदेहीं।। बिनय प्रेम बस भई भवानी। खसी माल मूरति मुसुकानी।। सादर सियँ प्रसादु सिर धरेऊ। बोली गौरि हरषु हियँ भरेऊ।। सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी।। नारद बचन सदा सुचि साचा। सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा।। [छंद] मनु जाहिं राचेउ मिलिहि सो बरु, सहज सुंदर साँवरो। करुना निधान सुजान सीलु, सनेहु जानत रावरो।। एहि भाँति गौरि असीस सुनि सिय, सहित हियँ हरषीं अली। तुलसी भवानिहि पूजि पुनि पुनि, मुदित मन मंदिर चली।। [सोरठा] जानि गौरि अनुकूल सिय, हिय हरषु न जाइ कहि। मंजुल मंगल मूल, बाम अंग फरकन लगे।।
माँ सीता के द्वारा माँ पार्वती स्तुति अयोध्याकाण्ड जय जय गिरिबरराज किसोरी। जय महेस मुख चंद चकोरी।। जय गजबदन षडानन माता। जगत जननि दामिनि दुति गाता।। नहिं तव आदि ...
Comments
Post a Comment